₹1.25 लाख पर पहुंचा सोना फिर भी यह ज्वैलरी शेयर नहीं ले रहा रुकने का नाम

Jewellery Stock Senco Gold Share : सोने की कीमत इस वक्त अपने इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। 10 ग्राम के लिए लगभग 1.25 लाख रुपए का भाव चल रहा है। हालांकि, ऊंचे दामों के कारण इस बार डिमांड पर कुछ असर देखने को मिल सकता है। इसी बीच, ताजा तिमाही बिजनेस अपडेट्स के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Antique Stock Broking ने ज्वैलरी कंपनी Senco Gold पर खास रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज ने इस शेयर में करीब 75% तक तेजी की संभावनाएं जताई हैं। फिलहाल कंपनी का शेयर 325 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है।

सेंको गोल्ड के तिमाही परिणाम

सितंबर तिमाही (Q2FY26) में Senco Gold ने 6.5% साल दर साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। वहीं अप्रैल-सितंबर की अवधि (H1FY26) में कंपनी की कुल रेवेन्यू ग्रोथ 17.8% रही। यह प्रदर्शन खास इसलिए है क्योंकि कंपनी ने कई मुश्किल परिस्थितियों में भी यह ग्रोथ हासिल की। इस दौरान हाई बेस इफेक्ट, सितंबर के श्राद्ध काल, पूर्वी भारत में भारी बारिश और बाढ़ जैसी चुनौतियां थीं। इन सब के बावजूद कंपनी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में सफलता पाई।

सोने की कीमत के तिमाही नतीजे

जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान सोने के दाम में बड़ी बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर सोना 43% तक महंगा हुआ, जबकि तिमाही आधार पर 8% की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले साल की समान तिमाही (Q2FY25) में सोने का भाव करीब 75,300 रुपए था। Q1FY26 में यह बढ़कर 1,00,800 रुपए हुआ और Q2FY26 में 1,16,500 रुपए तक पहुंच गया। इस तेज बढ़ोतरी का सीधा असर ज्वैलरी कंपनियों की बिक्री और मार्जिन पर पड़ता है।

सेंको गोल्ड पर ब्रोकरेज की राय

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अनुसार, Senco Gold के शेयर में 75% तक तेजी की संभावना है। इसका अर्थ है कि यदि कंपनी मौजूदा रफ्तार से प्रदर्शन जारी रखती है, तो निवेशकों को अच्छे रिटर्न की उम्मीद हो सकती है। कंपनी का मौजूदा शेयर भाव लगभग 325 रुपए है। यदि अनुमानित तेजी आती है, तो यह निवेशकों के लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है। हालांकि, निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और अपने जोखिम को समझना आवश्यक है।

क्या अभी बढ़ सकती है मांग

भारत में फेस्टिव सीजन हमेशा ज्वैलरी कारोबार के लिए बेहद अहम होता है। दशहरा, दिवाली और शादी के मौसम में लोग बड़े पैमाने पर सोना व ज्वैलरी खरीदते हैं। हालांकि, ऊंचे दामों से कुछ खरीदारों की खरीद प्रभावित हो सकती है, लेकिन पारंपरिक रूप से त्योहारों में मांग बनी रहती है। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि कंपनियां ऑफर्स और नई स्कीम्स के जरिए ग्राहकों को अपनी और आकर्षित कर सकती हैं, जिससे बिक्री में सुधार देखने को मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। यहां दी गई किसी भी जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों से जुड़ा होता है, इसलिए निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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